जान लगा देता हूँ, मैं जब हूँ बुनता
जूनून है मेरा, और मेरी इबादत भी है
लगना लगन से, पूरा इसी में रम जाना
यही तरकीब मेरी, अब तो यही आदत भी है
ऐसे ही तुमभी, बुनकर देखो एक रिश्ता
यार मेरे लगता है, बात बन जायेगी
टूटेगा नहीं, अगर मान लो टूट भी जाये
दावा है मेरा, गाँठ नज़र नहीं आएगी
जूनून है मेरा, और मेरी इबादत भी है
लगना लगन से, पूरा इसी में रम जाना
यही तरकीब मेरी, अब तो यही आदत भी है
ऐसे ही तुमभी, बुनकर देखो एक रिश्ता
यार मेरे लगता है, बात बन जायेगी
टूटेगा नहीं, अगर मान लो टूट भी जाये
दावा है मेरा, गाँठ नज़र नहीं आएगी
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