Posts

Showing posts from 2015
क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं ? सफर जहाँ से शुरू हुआ था पहुँच गया हूँ उसी जगह पर बाल खुजाते सोच रहा हूँ फिर से क्या शुरुआत करूँ मैं? क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं ? क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं ? तुम तो सच्चे हीरे सरीखे मैं पथरीले कंकड़ जैसा जब  तुम उलझन में पड़े हुए हो तब अपनी फिर क्या बात करूँ मैं क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं ?