अब अकेला हूँ बहुत,
कोई मेरे साथ नहीं है.
मौजूद तो हर शह यहाँ,
पहले वाली वो बात नहीं है..
बड़ा सा आसमान है,
जड़े हैं चाँद तारे भी,
ऊपर मगर प्यार भरा
मेरी माँ का हाथ नहीं है।
कोई मेरे साथ नहीं है.
मौजूद तो हर शह यहाँ,
पहले वाली वो बात नहीं है..
बड़ा सा आसमान है,
जड़े हैं चाँद तारे भी,
ऊपर मगर प्यार भरा
मेरी माँ का हाथ नहीं है।
Comments
Post a Comment