जिस्म की मंज़िल, मिटटी होना
जिस्म की मंज़िल, मर जाना
रूह की मंज़िल, सिर्फ रोशनी
हो और उजली, निखर जाना
जिस्म ही माने, ऊँच नीच और
जिस्म ही माने, कायदे
रूह की मजलिस, सब एक बराबर
सिर्फ रूहानी हैं, वायदे
जिस्म की चाहत, उत्सव करना
जिस्म की चाहत, जश्न है
रूह आप में, ऊर्जा उत्सव
फिर और का, क्या प्रश्न है
जिस्म का ज़र्रा, ज़र्रा रोये
जिस्म का ज़र्रा, ज़र्रा बिलखे
रूह का रेशा, रेशा रोशन
अपने रब से, आ मिल के
जिस्म की मंज़िल, मर जाना
रूह की मंज़िल, सिर्फ रोशनी
हो और उजली, निखर जाना
जिस्म ही माने, ऊँच नीच और
जिस्म ही माने, कायदे
रूह की मजलिस, सब एक बराबर
सिर्फ रूहानी हैं, वायदे
जिस्म की चाहत, उत्सव करना
जिस्म की चाहत, जश्न है
रूह आप में, ऊर्जा उत्सव
फिर और का, क्या प्रश्न है
जिस्म का ज़र्रा, ज़र्रा रोये
जिस्म का ज़र्रा, ज़र्रा बिलखे
रूह का रेशा, रेशा रोशन
अपने रब से, आ मिल के
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