Run Baby Run.......But Please..... If You Run And Only Run....You Will Die Tired

एक राह पकड़ कर,
चलता है वो
सीढ़ी दर सीढ़ी,
चढ़ता है वो
समय नहीं है,
दायें बाएं का,
बस आगे ही..
बढ़ता है वो
रफ़्तार कहीं कम,
हो न  जाए,
फिक्र इसी की..
करता है वो

छूटे साथी
छूटे अपने,
कर लेने को,
पूरे  सपने
पूरा ज़ोर,
लगा कर भागा
दिन में जगना,
भी क्या जगना
रातों में भी,
था वो जागा

बहोत दूर अब,
आ निकला है
पा जाने को,
सब भरपूर
टस से मस भी,
हुई नहीं है
मंज़िल अब भी,
लगती दूर

हाथ में थे  जो,
पहले ही छोड़े
ओझल हो गए ,
सारे  अपने
आँख से आँसू
झर झर,  झर झर

साथ में ढलकेँ,
सारे  सपने

सब कुछ खोया
पाया नहीं कुछ
हाथ लगी है,
सिर्फ निराशा
आज थकन है,
तन पर केवल
भीतर मन में,
घोर हताशा
आज थकन है,
तन पर केवल
भीतर मन में,
घोर हताशा



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